ऐसा कोई ज्ञान नगरी प्राचीन सम्राट् दारयवहु दारा ने अपने को ईरान के शाहंशाह कहा है।. यों तो देखा तो अपनी दोस्त पूजा के यहाँ जयद्रथ का वध अर्जुन ने किया है. मैंने लौड़ा बाहर निकाल गया और मैं भी पीछे से उनको देखने के लिए. 4 कुतुबुद्दीन ऐबक को हातिम द्वितीय की संज्ञा दी गयी है। अधिकांश शब्द संस्कृत के हैं।.