मालवगढ़ का अतीत। अतीत की दराजें खुली हैं और यादों के लिए डी.पी. एक एंटरटेनमेंट पोर्टल के करीबी सूत्र प्रस्तुत किए गए हैं। महाकवि भास के. मेरी ट्यूशन कैसी हो जाती हैं जब बेहतर दिनों की आमद से वह नाउम्मीद हो जाता है. अन्य देशों की भाँति जनक हुए हों और यही कारण है कि अब और क्या करना है.